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New Delhi, India (10/8/2026)
Tithi: Krishna Trayodasi upto 04:54:16
Week Day: Somavara
Rahu Kaal: 07:28:34 – 09:08:22
Nakshatra: Punarwasu upto 10:09:23
Yoga: Vajra upto 22:25:56
हाँ, ज्योतिष शास्त्र में यह बिल्कुल संभव है! शुक्र (Venus) प्रेम, विवाह, आकर्षण और जीवनसाथी का मुख्य कारक ग्रह है।आपकी जन्म कुंडली में शुक्र जिस भाव (House) और राशि में बैठा होता है, वह इस बात का बहुत सटीक और दिलचस्प संकेत देता है कि आपकी मुलाकात आपके 'सोलमेट' (सच्चे प्...
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ज्योतिष शास्त्र में शुक्र (Venus) को सुख, सौंदर्य, ऐश्वर्य, प्रेम, वैवाहिक सुख, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। कालपुरुष कुंडली में शुक्र द्वितीय (वृषभ) और सप्तम (तुला) भाव के स्वामी हैं।कुंडली के अलग-अलग भावों में शुक्र की स्थिति व्यक्ति के जीवन में सुख...
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शनि (Saturn) को अक्सर लोग क्रूर या कष्ट देने वाला ग्रह मानते हैं, लेकिन वास्तव में शनि "कर्मफल दाता" और "महान शिक्षक" है।शनि जिस भाव में बैठता है, वहां से जुड़े रिश्तों और क्षेत्रों के लिए आपको अपना अहंकार (Ego) त्यागना ही पड़ता है। आइए सबसे पहले इसके पीछे का कारण समझते...
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गुरु (बृहस्पति) का कर्क राशि में गोचर भारतीय राजनीति और वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitics) परिदृश्य के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। कर्क राशि जल तत्व और संवेदनशीलता की राशि है, जबकि गुरु विस्तार और न्याय के कारक हैं।🇮🇳 भारतीय राजनीति पर प्रभावभारत की कुंडली (वृषभ ल...
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2 जून 2026 से गुरु (बृहस्पति) का अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर ज्योतिष शास्त्र की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है। यह गोचर न केवल आध्यात्मिक उन्नति लाता है, बल्कि सांसारिक सुखों के विस्तार का भी कारक है।📅 गोचर की अवधिगुरु का कर्क राशि में यह गोचर 2 जून 2026 को शुरू होगा औ...
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